Motivational Story for kids in Hindi – पेन्सिल की कहानी

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

Here is a motivational story for kids in hindi.

एक बालक अपनी दादी मां को एक पत्र लिखते हुए देख रहा था। अचानक उसने अपनी दादी मां से पूंछा,” दादी मां !” क्या आप मेरी शरारतों के बारे में लिख रही हैं ? आप मेरे बारे में लिख रही हैं, ना “यह सुनकर उसकी दादी माँ रुकीं और बोलीं , ” बेटा मैं लिख तो तुम्हारे बारे में ही रही हूँ, लेकिन जो शब्द मैं यहाँ लिख रही हूँ उनसे भी अधिक महत्व इस पेन्सिल का है जिसे मैं इस्तेमाल कर रही हूँ। मुझे पूरी आशा है कि जब तुम बड़े हो जाओगे तो ठीक इसी पेन्सिल की तरह होगे।

“यह सुनकर वह बालक थोड़ा चौंका और पेन्सिल की ओर ध्यान से देखने लगा, किन्तु उसे कोई विशेष बात नज़र नहीं आयी।वह बोला – ” किन्तु मुझे तो यह पेन्सिल बाकी सभी पेन्सिलों की तरह ही दिखाई दे रही है।”इस पर दादी माँ ने उत्तर दिया – ” बेटा ! यह इस पर निर्भर करता है कि तुम चीज़ों को किस नज़र से देखते हो। इसमें पांच ऐसे गुण हैं, जिन्हें यदि तुम अपना लो तो तुम सदा इस संसार में शांतिपूर्वक रह सकते हो।

पहला गुण : तुम्हारे अंदर ज्ञान प्राप्त करने की योग्यता है, लेकिन तुम्हें यह भूलना नहीं चाहिए कि तुम्हे एक ऐसे हाथ की आवश्यकता है जो सदा तुम्हारा मार्गदर्शन करे हमारे लिए वह हाथ ईश्वर का हाथ है जो सदा हमारा मार्गदर्शन करता रहता है।

दूसरा गुण : बेटा ! लिखते, लिखते, बीच में मुझे कटर से पेन्सिल की नोक बनानी पड़ती है इससे पेन्सिल को थोड़ा कष्ट तो होता है,लेकिन बाद में यह काफ़ी तेज़ हो जाती है और अच्छी चलती है। इसलिए बेटा तुम्हें भी अपने दुखों, अपमान और हार को सहन करना आना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से तुम एक बेहतर मनुष्य बन जाओगे।

तीसरा गुण : बेटा ! पेन्सिल हमेशा गलतियों को सुधारने के लिए रबर का प्रयोग करने की इजाज़त देती है। इसका यह अर्थ है कि यदि हमसे कोई गलती हो गयी तो उसे सुधारना कोई गलत बात नहीं है। बल्कि ऐसा करने से हमें आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

चौथा गुण : बेटा ! एक पेन्सिल की लिखावट में मुख्य भूमिका इसके अंदर के ‘ग्रेफाईट’ की होती है। ग्रेफाईट की गुणवत्ता जितनी अच्छी होगी लिखावट उतनी ही सुन्दर होगी । इसलिए बेटा ! तुम्हारे अंदर क्या हो रहा है, कैसे विचार चल रहे हैं,इसका सदा दयान रखो।

अंतिम गुण : बेटा ! पेन्सिल सदा अपना निशान छोड़ देती है। ठीक इसी प्रकार तुम कुछ भी करते हो तो तुम भी अपना निशान छोड़ देते हो।अतः सदा ऐसे कर्म करो जिन पर तुम्हें कभी शर्मिन्दा न होना पड़े, तुम्हारा और तुम्हारे परिवार का सिर गर्व से उठा रहे।

Motivational Story for kids in Hindi – Moral Of the Story

सिख :अगर हमारा देखने का नजरिया सही हो तो हम हमारे आसपास की छोटी से छोटी चीज में से भी कुछ ना कुछ अच्छा ढूंढ सकते है।


Motivational Story for kids

If you wish to teach your kids, some motivational stories then here is our collection of latest motivational stories for kids about how to view things positively which will help you win your life issues much easier.

Motivational Stories for kids in Hindi

If you wish to learn about motivation then motivational stories are the best source and here in this motivational story for kids in Hindi will help you in that process. You will learn how a motivational story about a grandmother teaching about how to get inspired by a pencil and learn how to live a better life that will leave a great impact on others. This motivational story for kids is all about that and you will surely enjoy it.

Motivational stories for kids with moral story

Here in this motivational story for kids in Hindi, you will learn about how to take things positively and winning your struggles by just thinking positively. This motivational story for kids in Hindi will guide you about the same thing in the form of a fictional story.

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

Related Quotes